यह कृति उन महिलाओं के लिए है जिनकी जांघें चड्डी के स्पर्श से गीली हो जाती हैं, और उन पुरुषों के लिए भी जिनकी जांघें चड्डी की कामुक कामुकता से फूल जाती हैं। अंत तक कोई भी नंगी टांगें दिखाई नहीं देतीं!! आपमें से जो विकृत लोग केवल चड्डी से ही उत्तेजित होते हैं, उनके लिए, नहीं, यह सामान्य कामुकता है! इस कृति में कोई भी यौन दृश्य नहीं है, लेकिन इसे इस तरह से संरचित किया गया है कि यह धीमी, कामुक और चड्डी के प्रति आसक्त लोगों के लिए अप्रतिरोध्य है। सच्चे चड्डी के प्रति आसक्त लोगों, आपके लिए वातानाबे ताकुतो की चड्डी का एक अनमोल नमूना!!