एपिसोड

AP-171 — गला घोंटना, चरमोत्कर्ष पर पहुँचाना, ऐंठना, असंयमित उत्पीड़क। एक मासूम स्कूली छात्रा, जो भीड़ भरी ट्रेन में हिल भी नहीं सकती, उसका गला घोंटकर और उसे ऐंठना, उसे इतना अच्छा महसूस कराओ कि वह ऐंठन के दौरान अपनी आँखें पीछे करके पेशाब कर दे!!

6 वर्षों 5 महीने पहले 16K दृश्य

विवरण

दर्द जल्द ही आनंद में बदल जाता है! एक मासूम स्कूली छात्रा खचाखच भरी ट्रेन में हिल भी नहीं पाती और छेड़छाड़ करने वाले का विरोध भी नहीं कर पाती। उसका गला घोंटकर उसके साथ छेड़छाड़ की जाती है! स्कूली छात्राएँ आवाज़ भी नहीं निकाल पातीं, और उनके चेहरे धीरे-धीरे दर्द से कामोन्माद में बदल जाते हैं! हालाँकि उनकी चेतना धुंधली है, फिर भी उनके शरीर संवेदनशील प्रतिक्रिया देते हैं! वे ऐंठ जाती हैं और नियंत्रण खो देती हैं! स्कूली छात्राएँ गला घोंटने वाले छेड़छाड़ करने वाले के वशीभूत हो जाती हैं और उन्हें कई तरह के सुख और कामोन्माद का अनुभव होता है, और वे गला घोंट दिए जाने की भीख माँगती हैं!

कोड
AP-171
रिलीज़ तिथि
2014-12-06
अवधि
3:45:30
कलाकार
Hamazaki Mao Marie Konishi
निर्माता
Apache अपाचे (मांग)
टैग
AP

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